सूर्य नमस्कार योग-surya namaskar yoga in hindi in 2021

आप क्या सूर्य नमस्कार योग-surya namaskar yoga in hindi की बारी में गूगल में सर्च किए हैं तो ये पेज आपकी लिये सही जानकारी देगी। सबसे पहले जानना जरूरी है कि सूर्य नमस्कार कया है?

  • सूर्य नमस्कार  १२ शक्तिशाली जोग आसन द्वारा किए गए एक सर्बो श्रेष्ठा आसन। 
  • ए आसन की नियेमित रुप मे करने से शरीर और दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

सूर्य नमस्कार कैसे करें (Surya namaskar kaise Karen):

     ए जोग आसन सुबह खाली पेट में किया जाता है। सूर्य नमस्कार आसन करने के लिए प्रत्येक दौर में दो सेट करना आवश्यक होता है। और प्रत्येक सेट १२ जोग आसन से बनी हुई हैं।

सूर्य नमस्कार मंत्र इन हिंदी । surya namaskar mantra

 

सूर्य नमस्कार के १२ नाम | Surya Namaskar Ke 12 Naam.

surya namaskar yoga :

      १.प्रणामासन ।

      २.हस्तोत्तानासन ।

       ३.हस्तपादासन ।

       ४.अश्व संचलनसाना ।

      ५.दण्डासना ।

       ६.अष्टांग नमस्कार ।

       ७.भुजंगासना ।

       ८.अधोमुखस्वानासन ।

       ९.अश्व  संचलनसाना ।

       १०.हस्तपादासन ।

       ११.हस्तोत्तानासन ।

      १२.ताड़ासन ।

  १.प्रणामासन / pranaomasan :

  • ए जोगा करने से पहले एक योगा मेट

          या चटाई  बिछा कर खड़े हो जाएं । 

  • अपनी परो को एक साथ करे 

          और   वजन  को दोनो पैरों पर रखे।

  • अभी अयेस्ता आयस्ता स्वास लेते 

           हुए अपनी छाती को फेलाए 

  • अपनी कंधो की आराम दें।
  • स्वास अंदोर करे और दोनो हाथो को

          एक साथ उपर रखे ।

  • और जैसेही स्वास बाहर आ गए ,

         छाती के सामने अपना हेथलियो को 

         लेकर आए।

 

   २.हस्तोत्तानासन / Hastottan asana  :

  • ए आसन करने के लिए आपकी 

       बाइसेप्स को कानों के बाजू पर रखते

        हुए पहले हातो उपर रखे।

  • फिर पिछे के तरोफ उठे।
  • इस आसन करने के लिए पूरे शरीर को 

       पैर की एड़ी से ले कर अपनी हाथो

       की उंगलियां तक खिचान होता है।

   ३.हस्तपादासन / Hastapada asan : 

  • ए आसन करने के लिए आपकी 

        अपना सास बाहर छोड़ते हुए आगे 

        की तरफ झुकना पड़ेगा।

  • इसके अलावा अपना रीढ़ की हड्डियों

        को सीधा करे।

  • जैसे ही आप पूरे सास को बाहर के 

        तरफ निकलते ही, अपना हाथो को पैरों

        के बगोल पर लेकर आए।

  ४.अश्वसंचलनसाना :ashwa Sanchalanasana :  

           >  ए आसन करने के लिए आपको घुड़सवार पोजीशन में अर्थात्  पहले स्वास ले, ऑउर जितना भी हो सके अपने दाहिने पैर को पिछे के तरोफ ले जाएं। उसकी बात दाहिने घुटने को मिटटी में रखे और उपर की तरफ देखे।

  ५.दण्डासना : dandasana :

           >   ए आसन करने के लिए आपको  पैर सीधे शरीर के सामने और रीढ़ सीधी, लंबी होती हैं। 

  ६.अष्टांग नमस्कार : ashtanga namaskar :

         >   E  आसन में अपने घुटने को धीरे धीरे नीचे मिटटी में रखे और सास को छोड़े। 

        > कूल्हों को थोड़ासा पीछे की तरफ लाए, आगे करे अपनी छाती को और ठोड़ी को मिटटी में रखे।

        > अपने कूल्हों को थोड़ा सा उपर तरफ उठे ।

        > दोनों हाथ, पाय, घुटने,छाती और ठोड़ी अर्थात् शरीर के आठ हिस्सों को मिटटी में छूना चाहिए।

 ७.भुजंगासना : bhujangasana : 

          > ए आसन करने के लिए आपको अपना शरीर को स्लाइड करें और छाती को सांप की जैसी मुद्रा में रखे ।

         > जैसी ही सांस लेते हैं तब सीने की आगे बढ़ा ने  में कोशिश करें ।

         > जितना संभव हो सके कोहनी को  मोड़ ए।

         > रीढ़ की हड्डी को पीछे की ओर ले जाने की प्रयास करें।

   ८.अधोमुखस्वानासन : adhomukhasvan asana : 

           > ए आसन में अपना शरीर को उल्टा  “V” मुद्रा में लाने के लिए कूल्हों को ऊपर में रखे।

   ९.अश्व  संचलनसाना : ashwa    Sanchalanasan :

           >   सुर्य नमस्कार विधि में ए आसन फिर दुबारा से करना पड़ता हैं।

> ए आसन करने के लिए आपको घुड़सवार पोजीशन में अर्थात्  पहले स्वास ले,

           >ऑउर जितना भी हो सके अपने दाहिने पैर को पिछे के तरोफ ले जाएं। 

            > उसकी बात दाहिने घुटने को मिटटी में रखे और उपर की तरफ देखे।

    १०.हस्तपादासन : hastapadasana :

> अपना सांस छोड़े और बाएं पैर आगे करे

           > हाथों की मिटटी में रखे।

           > घुटनों को धीरे धीरे सीधा करे ।

    ११.हस्तोत्तानासन :hastottanasan :

> ए आसन करने के लिए पहले  सांस ले और रीढ़ की हड्डी को पीछे ले जाएं हाथों को ऊपर तरफ उठाएं।

     १२.ताड़ासन : tadasana :

> आप जैसी ही सांस छोड़ें, उसके बाद शरीर को सीधा करे ,फिर अपनी बाहों को नीचे लाए। कुछ समय इस स्थिति में रखे।

    सूर्य नमस्कार के फायदे । Surya namaskar ki fayde :

             >  बहुत सारा आदमी जानना चाहता है कि सूर्य नमस्कार के लाभ क्या है?  तो आपकी जानकारी के लिए नीचे दिए गए बयान पर थोड़ा पड़े।

  • इस आसन का अभ्यास से नार्वस नेस

        की घटती है।

  • इस आसन वजन घटाने में सहायक 

         होता है।

  • मांसपेशियों के लाचिला आउर टोन

         मे रहती हैं।

  • प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत और 

        शरीर पर सकारात्मक लाव मिलता है ।

  • इसे  आसन करने से दिमाग और देह

         को शांति मिलती है  ।

  • इसे  आसन करने से महिलाओं

       की  नियमित मासिक धर्म ठिक ठक 

       रहती है।

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